उत्तर प्रदेश

विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने कसी कमर

Kavita2
11 Aug 2026 9:14 AM IST
विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने कसी कमर
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने संगठन को मजबूत करने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। पार्टी ने नवनियुक्त कांग्रेस सचिवों और यूपी कांग्रेस के सहप्रभारियों के बीच सोमवार को क्षेत्रवार जिम्मेदारियों का बंटवारा कर दिया। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने इस संबंध में सोमवार को आदेश जारी करते हुए सभी पदाधिकारियों को उनके क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंप दी है। पार्टी के इस फैसले को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को जमीन पर सक्रिय करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।

कांग्रेस ने प्रदेश को अलग-अलग क्षेत्रों में बांटते हुए पार्टी के नवनियुक्त पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी है। इसके तहत अब्दुल हन्नान को अवध क्षेत्र की कमान सौंपी गई है, जबकि कुणाल चौधरी को ब्रज क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है। वरुण चौधरी प्रयागराज क्षेत्र में पार्टी संगठन को मजबूत करने का काम करेंगे। वहीं जगदीश चंद्र जनगिड़ को बुंदेलखंड क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसी तरह अभिषेक दत्त को पूर्वांचल क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि संजीव आर्य को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का दायित्व सौंपा गया है। पार्टी नेतृत्व ने सभी पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन को सक्रिय करने और कांग्रेस की गतिविधियों को गति देने की जिम्मेदारी दी है।

चुनाव से पहले संगठन पर फोकस

उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस लगातार अपने संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। पार्टी नेतृत्व का जोर बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने के साथ ही कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने पर है। क्षेत्रवार जिम्मेदारियां तय किए जाने के बाद अब संबंधित पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में पार्टी की गतिविधियों को आगे बढ़ाएंगे।

कांग्रेस के लिए उत्तर प्रदेश राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण राज्य है। विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन के लिए पार्टी को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की चुनौती है। ऐसे में पदाधिकारियों को क्षेत्रवार जिम्मेदारी देकर संगठन को अधिक जवाबदेह बनाने की कोशिश की गई है।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, जिन नेताओं को क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है, उन्हें स्थानीय संगठन के साथ समन्वय स्थापित करना होगा। इसके अलावा जिला और ब्लॉक स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर संगठन की स्थिति का आकलन करने और कमजोर क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ाने पर भी जोर रहेगा।

छह क्षेत्रों में बांटी जिम्मेदारी

कांग्रेस ने प्रदेश की भौगोलिक और राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए छह प्रमुख क्षेत्रों में जिम्मेदारियां बांटी हैं। अवध क्षेत्र की जिम्मेदारी अब्दुल हन्नान को दी गई है। अवध क्षेत्र में लखनऊ समेत कई महत्वपूर्ण जिले आते हैं और राजनीतिक दृष्टि से भी यह क्षेत्र काफी अहम माना जाता है।

ब्रज क्षेत्र का दायित्व कुणाल चौधरी को सौंपा गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक बड़े हिस्से से जुड़े ब्रज क्षेत्र में संगठन को मजबूत करना पार्टी के लिए महत्वपूर्ण होगा। प्रयागराज क्षेत्र की जिम्मेदारी वरुण चौधरी को दी गई है। यह क्षेत्र पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश की राजनीति के बीच महत्वपूर्ण भूमिका रखता है।

बुंदेलखंड क्षेत्र में पार्टी को मजबूत करने की जिम्मेदारी जगदीश चंद्र जनगिड़ को मिली है। बुंदेलखंड लंबे समय से विकास, रोजगार और पलायन जैसे मुद्दों के कारण राजनीतिक चर्चा में रहा है। ऐसे में कांग्रेस के लिए इस क्षेत्र में संगठन को सक्रिय करना अहम होगा।

पूर्वांचल क्षेत्र की जिम्मेदारी अभिषेक दत्त को दी गई है। पूर्वांचल में बड़ी संख्या में विधानसभा सीटें हैं और प्रदेश की चुनावी राजनीति में यह क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वहीं संजीव आर्य को पश्चिमी क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कांग्रेस संगठन के विस्तार के लिए पार्टी को लगातार सक्रियता बढ़ानी होगी।

कार्यकर्ताओं से संवाद बढ़ाने की तैयारी

क्षेत्रवार जिम्मेदारियां मिलने के बाद अब कांग्रेस के नवनियुक्त पदाधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और पार्टी संगठन में बेहतर तालमेल स्थापित करने की होगी। चुनावी तैयारियों के दौरान स्थानीय मुद्दों को समझना और उन्हें प्रदेश स्तर पर पार्टी की रणनीति से जोड़ना भी महत्वपूर्ण होगा।

पार्टी नेतृत्व की कोशिश है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में संगठन की गतिविधियां एक साथ तेज हों। इसके लिए जिम्मेदार नेताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार दौरे करने, कार्यकर्ताओं से संवाद स्थापित करने और स्थानीय स्तर पर पार्टी की स्थिति का फीडबैक लेने की जरूरत होगी।

चुनावी रणनीति को जमीन पर उतारने की कवायद

कांग्रेस के इस संगठनात्मक फेरबदल को विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की चुनावी रणनीति को जमीन पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रदेश में पार्टी की गतिविधियों को तेज करने के साथ ही संगठन के पदाधिकारियों को स्पष्ट जिम्मेदारी देने से जवाबदेही भी तय होगी।

अब सभी की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि क्षेत्रवार जिम्मेदारी मिलने के बाद कांग्रेस के ये नेता अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन को कितना सक्रिय कर पाते हैं। आने वाले दिनों में पार्टी की ओर से जिला और बूथ स्तर पर भी गतिविधियां तेज किए जाने की संभावना है।

फिलहाल प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम के आदेश के बाद छह प्रमुख क्षेत्रों की जिम्मेदारियां तय हो गई हैं। अब इन पदाधिकारियों के सामने अपने-अपने क्षेत्रों में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की जमीन तैयार करने की चुनौती होगी।

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